मंगलवार, 6 अक्तूबर 2020

एक व्यंग्य 77 : पहला और आखिरी इंटरव्यू

 

1 टिप्पणी:

  1. श्रीमती जी के सर, रण-चण्डी ’दुर्गा’ उतरते देख, अख़्तर भाई ने जल्दी जल्दी अपना कैमेरा-लाइट समेटा और चौरसिया जी ने अपना नोटबुक ।
    भाग खड़े हुए ।आगे आगे वो ---पीछे पीछॆ मै----और मेरे पीछे एक कुत्ता।" -- अरे चौरसिया जी --बाकी इन्टरव्यू तो करते जाओ --समापन तो करते जाओ-"-
    ---हो गया--हो गया --चौरसिया जी हाँफ़ते हाँफते हुए बोल रहे थे या बोलते बोलते हाँफ़ रहे थे ,पता नहीं ।😀😀😀
    अति उत्तम

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